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मील के पत्थर

१९६३ में अपनी शुरुआत से नीटी को अपनी प्रगति में महत्वपूर्ण उपलब्धियॉ हासिल हुई हैं । शुरुआत में उद्देश्यों के सही एवं समर्पित अनुगमन से इसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के रुप में पंजीकृत होने और उद्योग विशिष्ट अनुसंधानों एवं पठन के क्षेत्र में अग्रणी बनाया है । कुछ उपलब्धियों को नीचे दिया जा रहा है ।

भौतिक एर्गोनामिक्स, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, औद्योगिक पर्यावरण, पर्यावरण इंजीनियरी, ऊर्जां लेखा परीक्षा, अनुरक्षण एवं स्थिति मानीटरिंग, दृक् श्रव्य एवं सिमुलेशन प्रयोगशालाओं के अलावा एर्गोनामिक्स एवं मानव कारक इंजीनियरी प्रयोगशालाएं विकास के विभिन्न चरणों में है ।

वर्ष २००६-०७ में नीटी ने प्रबंधन विकास कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें मध्यम एवं वरिष्ठ स्तर के विभिन्न निजी / सार्वजनिक क्षेत्र और सरकारी विभागों के कार्यपालको ने भाग लिया था । अब तक नीटी द्वारा ४४१५८ से अधिक कार्यपालको को विभिन्न अनुशासनों में प्रशिक्षित किया गया है । इन कार्यपालकों ने  संस्थान द्वारा संचालित अल्पावधि विकास कार्यक्रमों में भाग लिया है ।

संस्थान द्वारा संचालित इकाई आधारित कार्यक्रम व्यष्टि संगठन के लिए उपयुक्त डिजाइन किए गए अनोखे कार्यक्रमों को निरुपित करते है । ये कार्यक्रम संगठन की संस्कृति और वातावरण के बारे में प्राथमिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते है । वर्ष २००६-०७ में नीटी ने देश के विभिन्न भागों और परिसर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए ।

संस्थान के संकाय सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय सम्मेलनों / कार्यशालाओं में पत्र प्रस्तुत किए हैं ।

नीटी औद्योगिक सेवा उपयोगिताओं एवं सार्वजनिक, निजी एवं सरकारी क्षेत्र के अन्य संगठनों के निकट रहने के अपने प्रयास में वर्ष २००६-०७ में --- परामर्श कार्य लिए हैं ।

उद्योगों के साथ नीटी का सतत संपर्क उद्योग - संस्थान संवाद कक्ष के स्थापना के रुप में परिणत हुआ है जो बेंचमार्किंग सहित अनेक अध्ययन किए हैं जो राष्ट्र के लिए अत्यधिक उपयोगी है ।

नीटी का स्नातकोत्तर कार्यक्रम उद्योग द्वारा अत्यधिक सराहा गया है ।

हमारे भूतपूर्व विद्यार्थी उद्योग में नेतृत्व के वरिष्ठ पदों पर विराजमान हैं ।

नीटी उद्योग प्रगति नामक तिमाही जर्नल प्रकाशित करता है जिसमें अनुप्रयोग अनुसंधान लेख और मामला अध्ययन कवर किए जाते हैं ।

विद्यार्थियों के सतत अपग्रेडेशन और विकास के लिए अनेक शिक्षेतर कार्यक्रम जैसे लक्ष्य, प्रेरणा, कांसेप्ट २०००, समीक्षा आदि आयोजित किए गए । वर्तमान प्रौद्योगिकी एवं शैक्षणिक प्रासंगिकता को संबोधित करते हुए नियमित रुप से सेमिनार और सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं ।

एस एम ई को विकसित करने और प्रोत्साहित करने के लिए लघु उद्योगों पर संकेंद्रण करते हुए विशेष कार्यक्रम शुरु किए जाते हैं और संचालित किए जाते हैं ।